
समांतर श्रेणी (Arithmetic Progression) Formula I Question Answer
This post explains all important Arithmetic Progression (AP) formulas, questions and answers, and examples in a simple and easy way. Learn how to find the nth term, sum of n terms, and apply key formulas in AP. Perfect for students preparing for JAC Board exams and improving their understanding of mathematics concepts.
समांतर श्रेणी (Arithmetic Progression)
श्रेणी (Progression)
अर्थ (Meaning) – यदि अनुक्रम या श्रेणी के पदों को कुछ विशेष प्रतिबन्धों के अधीन लिखा जाये तो उस अनुक्रम या श्रेणी को श्रेढ़ी कहते हैं।
श्रेणी के प्रकार (Types of Progression) –
1. समांतर श्रेणी (A.P)
2. गुणोत्तर श्रेणी (G.P)
3. हरात्मक श्रेणी (H.P)
1. समांतर श्रेणी (A.P)
अर्थ (Meaning)- जिस श्रेणी के दो लगातार पदों के बीच का अन्तर समान हो उसे समान्तर श्रेणी कहते हैं।
सार्व अंतर (common difference) – A.P. के बाद वाले पद में से ठीक पहले वाले पद को घटाने से जो राशि प्राप्त होती है, उसे सार्व अंतर/पदान्तर कहते हैं।
उदाहरण: 1, 4, 7, 10, …………….. A.P में 3 सार्व अंतर हैI
सार्व अंतर का सूत्र: d= t2 – t1
AP का सामान्य रूप (General Form):
A.P:– a, a+d, a+2d ,a+3d, a+4d, ………………….
यहाँ:
- a = प्रथम पद (First term)
- d = सार्व अंतर (Common difference)
n वाँ पद 𝑡𝑛 = a+ (n−1)d
यहाँ:
- 𝑡𝑛= अंतिम पद (last term)
- n = पदों की संख्या (no. of terms)
Properties of A.P –
t2 – t1= t3 – t2
AP के तीन पद (Three terms in AP):
(a−d), a, (a+d)
AP के चार पद (Four terms in AP):
(𝑎−3𝑑), (𝑎+𝑑), (𝑎−𝑑), (𝑎+2𝑑)
Sn :– समांतर श्रेणी में श्रेणी के n पदों का योग हैI
जब अंतिम पद ज्ञात न हो –
जब अंतिम पद (an) ज्ञात हो–
Exercise 1 (A)
Type I
अनुक्रम पर आधारित प्रश्न
1.उस अनुक्रम को लिखिए जिसका nवाँ पद है I
Solution:– 𝑡𝑛=
Putting the value of n=01:
𝑡1= = 1/2
Putting the value of n=02:
𝑡2= = 2/3
Putting the value of n=03:
𝑡3= = 3/4
Putting the value of n=04:
𝑡4= = 4/5
अतः, दिया हुआ अनुक्रम है: ,……..
2. यदि किसी अनुक्रम का nवाँ पद 2na+b है, जहाँ a, b अचर हैं तो क्या यह अनुक्रम A. P. में है?
Solution:– tn = 2na + b
Putting the value of n = 1
t₁ = 2 × 1 × a + b
t₁ = 2a + b
Putting the value of n = 2
t₂ = 2 × 2 × a + b
t₂ = 4a + b
Putting the value of n = 3
t₃ = 2 × 3 × a + b
t₃ = 6a + b
Putting the value of n = 4
t₄ = 2 × 4 × a + b
t₄ = 8a + b
Progression of A.P:
t₂ – t₁ = t₃ – t₂
(4a + b) – (2a + b) = (6a + b) – (4a + b)
4a + b – 2a – b = 6a + b – 4a – b
2a = 2a
अतः यह सिद्ध हुआ कि यह एक समांतर श्रेणी (A.P.) में है।
3. सिद्ध कीजिए कि (a−b)2, (a2+b2), (a+b)2 A.P में हैं।
Solution:– t2−t1 = t3−t2
(a2+b2) −(a −b)2 = (a+b)2− (a2 + b2)
(a2+b2) − (a2−2ab+b2) = (a2+2ab+b2) − (a2+b2)
a2+b2 − a2+2ab−b2) = a2+2ab+b2 − a2−b2
2ab = 2ab
अतः सिद्ध हुआ कि (a−b)2,(a2+b2), (a+b)2 A.P. में हैं।
4. एक अनुक्रम का nवाँ पद 3n – 2 है। क्या अनुक्रम समांतर श्रेणी (A.P.) है? यदि हाँ, तो 10वाँ पद ज्ञात कीजिए।
Solution:– tₙ = 3n − 2
Putting the values of n = 1, 2, 3, 4
t₁ = 3 × 1 − 2 = 1
t₂ = 3 × 2 − 2 = 4
t₃ = 3 × 3 − 2 = 7
t₄ = 3 × 4 − 2 = 10
Properties of A.P:−
t₂ − t₁ = t₃ − t₂
4 − 1 = 7 − 4
3 = 3
अतः दिए गए पद A.P. में है I
अब A.P: 1, 4, 7, 10
a = 1
d = 4 − 1 = 3
n = 10
tₙ = a + (n − 1)d
= 1 + (10 − 1) × 3
= 1 + 9 × 3
= 1 + 27
= 28
अतः 10वाँ पद 28 है I
Type II — tn=a+(n–1)d पर आधारित प्रश्न
5. अनुक्रम 10, 5, 0, –5, –10, … का 10वाँ पद ज्ञात कीजिए।
Solution:– A.P. = 10, 5, 0, –5, –10, … का 10वाँ पद
a = 10
d = t₂ – t₁ = 5 – 10 = –5
t₁₀ = ?
t₁₀ = a + (n – 1)d
t₁₀ = 10 + (10 – 1) × (–5)
t₁₀ = 10 + 9 × (–5)
t₁₀ = 10 – 45
t₁₀ = –35
6. अनुक्रम 3, 5, 7, 9, … का 10वाँ पद निकालिए।
Solution:– A.P. = 3, 5, 7, 9, … का 10वाँ पद
a = 3
d = t₂ – t₁ = 5 – 3 = 2
t₁₀ = ?
t₁₀ = a + (n – 1)d
t₁₀ = 3 + (10 – 1) × 2
t₁₀ = 3 + 9 × 2
t₁₀ = 3 + 18
t₁₀ = 21
7. समांतर श्रेणी 1, 3, 5, 7, …, 99 में कितने पद हैं?
Solution:– a = 1
d = t₂ – t₁ = 3 – 1 = 2
tₙ = 99, n = ?
tₙ = a + (n – 1)d
99 = 1 + (n – 1) × 2
99 = 1 + 2n – 2
99 = 2n – 1
2n = 100
n = 50
कुल 50 पद हैं I
8. समांतर श्रेणी 1, 3, 5, 7, 9 ….., का कौन-सा पद 65 होगा?
Solution:– A.P. = 1, 3, 5, 7, 9, …
a = 1
d = 3 – 1 = 2
tₙ = 65
tₙ = a + (n – 1)d
65 = 1 + (n – 1) × 2
65 = 1 + 2n – 2
65 = 2n – 1
2n = 66
n = 33
65 इस A.P. का 33वाँ पद है।
9. किसी A.P. के 7वें तथा 12वें पद क्रमशः 34 और 64 हैं। तो उस A.P को निकालिए – इस A.P. का 10वाँ पद भी ज्ञात कीजिए?
Solution:– दिया गया है:
t₇ = 34
t₁₂ = 64
tₙ = a + (n – 1)d
t₇ = a + 6d = 34 …(i)
t₁₂ = a + 11d = 64 …(ii)
समीकरण (ii) को (i) से घटाने पर,
(a + 11d) – (a + 6d) = 64 – 34
5d = 30
d = 6
अब d = 6 को (i) में रखें —
a + 6d = 34
a + 36 = 34
a = -2
अतः A.P. है: -2, 4, 10, 16, 22, …
अब 10वाँ पद निकालते हैं:
t₁₀ = a + (10 – 1)d
t₁₀ = -2 + 9 × 6
t₁₀ = -2 + 54
t₁₀ = 52
10. समांतर श्रेणियों 3,5,7, ..… और 4,7,10,….. में प्रत्येक श्रेणी 100 पदों तक जाती है, तो बताइए कितने पद समान हैं?
Solution:–
A.P1 : 3, 5, 7 ……………… 100
A.P2 : 4, 7, 10 …………….. 100
पहली श्रेणी के लिए :
a₁ = 3, d₁ = 2, n = 100
tₙ = a + (n − 1)d
= 3 + (100 − 1) × 2
= 3 + 198
= 201
दूसरी श्रेणी के लिए :
a₂ = 4, d₂ = 3, n = 100
tₙ = a + (n − 1)d
= 4 + (100 − 1) × 3
= 4 + 297
= 301
अतः समान पदों की नई A.P. होगी :
7, 13, 19, 25, …
यहाँ, a = 7, d = 6
अब इस A.P. का अंतिम पद ≤ 201 होना चाहिए (क्योंकि पहली A.P. 201 तक जाती है)।
tₙ = 201
tₙ = a + (n − 1)d 7 + (n − 1) × 6 = 201
7 + 6n − 6 = 201
6n + 1 = 201
6n = 200
n = 200 ÷ 6
n = 33⅓
अर्थात् 33 पूर्ण पद समान होंगे।
11. क्या 254 समांतर श्रेणी 4, 9, 14, 19, … का कोई पद है?
Solution:– A.P. : 4, 9, 14, 19, ………
यहाँ a = 4, d = 9 – 4 = 5, tn = 254
tn = a + (n – 1) × d 254 = 4 + (n – 1) × 5
254 – 4 = (n – 1) × 5
250 = (n – 1) × 5
n – 1 = 250 / 5
n – 1 = 50
n = 51
अतः 254 इस श्रेणी का 51वाँ पद है।
12. यदि (x + 2), 3x तथा (4x +1) A.P. में हों, तो x का मान ज्ञात कीजिए।
Solution:– A.P. के तीन पद हैं :
पहला पद (a1) = x + 2
दूसरा पद (a2) = 3x
तीसरा पद (a3) = 4x + 1
t2 − t1 = t3 − t2 ⇒ 3x – (x + 2) = (4x + 1) – 3x
⇒ 3x – x – 2 = 4x + 1 – 3x
⇒ 2x – 2 = x + 1
⇒ 2x – x = 1 + 2
⇒ x = 3
अतः, x का मान = 3
13. समांतर श्रेणी 1, 4, 7 का कौन-सा पद 55 होगा?
Solution:– समांतर श्रेणी (A.P.): 1, 4, 7, …..
यहाँ, a = 1, d = 4 – 1 = 3
nवाँ पद = a + (n – 1)d
55 = 1 + (n – 1) × 3
55 – 1 = 3(n – 1)
54 = 3(n – 1)
n – 1 = 18
n = 19
अतः 55, श्रेणी का 19वाँ पद है।
14. किसी A.P. का 24वाँ पद उसके 10वें पद का दुगुना है। तो सिद्ध कीजिए कि 72वाँ पद 34वें पद का दुगुना होगा।
Solution:– 24वाँ पद = 10वें पद का दुगुना
a + 23d = 2(a + 9d) ⇒ a + 23d = 2a + 18d
⇒ 23d – 18d = 2a – a
⇒ 5d = a
⇒ a = 5d
72वाँ पद = 34वें पद का दुगुना a + 71d = 2(a + 33d)
L.H.S = a + 71d
R.H.S = 2a + 66d
L.H.S = R.H.S के लिए हमें जाँचना है कि क्या a = 5d रखने पर यह सत्य है —
⇒ L.H.S = 5d + 71d = 76d
⇒ R.H.S = 2(5d) + 66d = 10d + 66d = 76d
अतः, L.H.S = R.H.S
15. यदि किसी A.P. का तीसरा पद प्रथम पद का चार गुना है और छठा पद 17 है, तो A.P. ज्ञात कीजिए।
Solution:– a + 2d = 4a
⇒ 2d = 3a
⇒ d = (3a)/2
छठा पद = 17 ⇒ a + 5d = 17
⇒ a + 5 × (3a/2) = 17
⇒ a + (15a/2) = 17
⇒ (17a/2) = 17
⇒ a = 2
d = (3a)/2 = (3×2)/2 = 3
A.P. = a, a + d, a + 2d, …
अतः A.P. है: 2, 5, 8, 11, 14, …
16. यहाँ 5, k, 11 A.P. में हों तो k का मान ज्ञात कीजिए
Solution:– 5, k, 11,…. A.P. में हैं।
⇒ t2 − t1 = t3 − t2
⇒ k – 5 = 11 – k ⇒ 2k = 16
⇒ k = 8
17. किसी A.P. के 11वाँ और 16वाँ पद क्रमशः 44 और 19 हों तो A.P. ज्ञात कीजिए। इस A.P का 20वाँ पद भी निकालिए?
Solution:– दिया गया है:
11वाँ पद = a + 10d = 44 ….(i)
16वाँ पद = a + 15d = 19 ….(ii)
समीकरण (ii) को (i) से घटाने पर, ⇒ (a + 15d) − (a + 10d) = 19 − 44
⇒ 5d = −25
⇒ d = −5
d का मान समीकरण (i) में रखने पर,
a + 10(-5) = 44
⇒ a – 50 = 44
⇒ a = 94
A.P. = a, a + d, a + 2d, …
⇒ 94, 89, 84, 79, …
अब 20वाँ पद = a + 19d = 94 + 19(−5) = 94 − 95 = −1
Type III — A.P. में तीन या चार या पाँच पद पर आधारित प्रश्न जब उनका योगफल ज्ञात हो
18. यदि A.P. की तीन संख्याओं का योग 12 हो और इनके घनों का योगफल 408 हो, तो उन संख्याओं को निकालिए।
Solution:– मान लेते हैं कि A.P. की तीन संख्याएँ हैं:
(a −d), a, (a + d)
इन तीन संख्याओं का योग = 12
⇒ (a − d) + a + (a + d) = 12
⇒ 3a = 12
⇒ a = 4
उनके घनों का योग = 408
⇒ (a − d)³ + a³ + (a + d)³ = 408
⇒ a³− d³ −3a²d+ 3ad²+ a³+ a³ + d³+ 3a²d+3ad² = 408
⇒ 3a³+ 6ad² = 408
⇒ 3(4)³ + 6×4×d² = 408
⇒ 192 +24d² = 408
⇒ 24d² = 408 − 192
⇒ 24d² = 216
⇒ d² = 9
⇒ d = √9
⇒ d = ±3
a = 4, d = +3
प्रथम पद; a−d = 4−3=1
द्वितीय पद; a = 4
तृतीया पद; a+d = 4+3=7
∴ A.P. is 1, 4, 7,……
अब, a = 4, d = −3
प्रथम पद; a−d = 4−(−3) =7
द्वितीय पद; a = 4
तृतीया पद; a+d = 4+(−3) = 1
∴ A.P. is 7, 4, 1,……
19. यदि किसी A.P. के तीन लगातार संख्याओं का योगफल 51 है तथा दोनों छोर वाली संख्याओं का गुणनफल 273 है, तो उन संख्याओं को ज्ञात कीजिए।
Solution:– मान लेते हैं कि तीन लगातार संख्याएँ हैं —
(a − d), a, (a + d)
योगफल दिया है:
(a − d) + a + (a + d) = 51
⇒ a − d + a + a + d = 51
⇒ 3a = 51
⇒ a = 17
गुणनफल दिया है:
(a − d)(a + d) = 273
⇒ a² − d² = 273
⇒ 17² − d² = 273
⇒ 289 − d² = 273
⇒ d² = 289 − 273
⇒ d² = 16
⇒ d = ±4
a = 17, d = +4
तीनों संख्याएँ होंगी —
(a − d), a, (a + d)
= (17 − 4), 17, (17 + 4)
= 13, 17, 21
अब, a = 17, d = −4
तीनों संख्याएँ होंगी —
(a − d), a, (a + d)
= 17 −(−4), 17, 17 + (−4)
= 21, 17, 13
20. 24 को ऐसे चार भागों में विभाजित कीजिए जो A.P. में हों तथा उनके वर्गों का योग 164 हो।
Solution:– मान लेते हैं कि चारों संख्याएँ हैं —
(a − 3d), (a − d), (a + d), (a + 3d)
चार संख्याओं का योग = 24
(a − 3d) + (a − d) + (a + d) + (a + 3d) = 24
⇒ 4a = 24
⇒ a = 6
वर्गों का योग = 164
(a − 3d)² + (a − d)² + (a + d)² + (a + 3d)² = 164
⇒ [a² − 6ad + 9d²] + [a² − 2ad + d²] + [a² + 2ad + d²] + [a² + 6ad + 9d²] = 164
⇒ 4a² + 20d² = 164
⇒ 4(6)² + 20d² = 164
⇒ 4 × 36 + 20d² = 164
⇒ 144 + 20d² = 164
⇒ 20d² = 20
⇒ d² = 1
⇒ d = ±1
a = 6, d = +1
चारों संख्याएँ होंगी—
(a − 3d), (a − d), (a + d), (a + 3d)
= (6 − 3), (6 − 1), (6 + 1), (6 + 3)
= 3, 5, 7, 9
अब, a = 6, d = +1
चारों संख्याएँ होंगी—
(a − 3d), (a − d), (a + d), (a + 3d)
= (6 − 3×−1), (6 − (−1), (6 +(−1), (6 + 3×−1)
= 9, 7, 5, 3,…….
21. समान्तर श्रेणी में तीन संख्याओं का योग –24 है तथा गुणनफल 288 है। संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
Solution:– मान लीजिए तीन संख्याएँ क्रमशः (a – d), a, (a + d) हैं।
तीन संख्याओं का योग = –24
⇒ (a – d) + a + (a + d) = 3a
⇒ 3a = –24
⇒ a = –8
अब, गुणनफल = (a – d) × a × (a + d) = a(a² – d²)
⇒ (–8)[(–8)² – d²] = 288
⇒ –8(64 – d²) = 288
⇒ –512 + 8d² = 288
⇒ 8d² = 800
⇒ d² = 100
⇒ d = ±10
अतः तीन संख्याएँ हैं –
(a – d), a, (a + d)
= (–8 – 10), (–8), (–8 + 10)
= –18, –8, 2,……..
अब, a = –8, d = +10
अतः तीन संख्याएँ हैं –
(a – d), a, (a + d)
= (–8 – (–10), (–8), (–8 +(–10)
= 2, –8, –16,………
22. समान्तर श्रेणी में तीन संख्याओं का योग 15 है और प्रथम तथा अन्तिम का गुणनफल 21 है। संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
Solution:– मान लीजिए तीन संख्याएँ क्रमशः (a – d), a, (a + d) हैं।
तीन संख्याओं का योग = 15
⇒ (a – d) + a + (a + d) = 3a
⇒ 3a = 15
⇒ a = 5
प्रथम तथा अन्तिम का गुणनफल = (a – d)(a + d) = a² – d²
⇒ a² – d² = 21
⇒ (5)² – d² = 21
⇒ 25 – d² = 21
⇒ d² = 4
⇒ d = ±2
a= 5, d= +2
अतः तीन संख्याएँ हैं –
(a – d), a, (a + d)
= (5 – 2), 5, (5 + 2)
= 3, 5, 7
अब, a= 5, d= –2
अतः तीन संख्याएँ हैं –
(a – d), a, (a + d)
= (5 – (–2), 5, (5 + (–2)
= 7, 5, 3
23. 20 को ऐसे चार भागों में विभाजित कीजिए जो समान्तर श्रेणी में हों तथा जिनके पहले और चतुर्थ पदों के गुणनफल का अनुपात दूसरे और तीसरे पदों के गुणनफल से 2 : 3 हो।
Solution:– मान लीजिए चार संख्याएँ क्रमशः (a – 3d), (a – d), (a + d), (a + 3d) हैं।
चार संख्याओं का योग = 20
⇒ (a – 3d) + (a – d) + (a + d) + (a + 3d) = 4a
⇒ 4a = 20
⇒ a = 5
अब प्रश्नानुसार,
प्रथम तथा चतुर्थ का गुणनफल : द्वितीय तथा तृतीय के गुणनफल = 2 : 3
⇒ (a – 3d)(a + 3d) : (a – d)(a + d) = 2 : 3
⇒ (a² – 9d²) / (a² – d²) = 2 / 3
⇒ 3(a² – 9d²) = 2(a² – d²)
⇒ 3a² – 27d² = 2a² – 2d²
⇒ a² = 25d²
⇒ a = 5d
⇒ 5 = 5d
⇒ d = 1
अतः चार संख्याएँ हैं –
(a – 3d), (a – d), (a + d), (a + 3d)
= (5 – 3), (5 – 1), (5 + 1), (5 + 3)
= 2, 4, 6, 8
24. किसी तीन अंकों की संख्या के अंकों का योग 12 है तथा उसके अंक समान्तर श्रेणी में हैं। यदि अंक उलट दिए जाएँ तो संख्या में 396 की कमी हो जाती है। संख्या ज्ञात कीजिए। (JAC, 2015)
Solution:– मान लीजिए उस तीन अंकों की संख्या के अंक क्रमशः (a – d), a, (a + d) हैं।
अंकों का योग = (a – d) + a + (a + d) = 3a
⇒ 3a = 12
⇒ a = 4
इसलिए तीन अंक होंगे – (4 – d), 4, (4 + d)
मूल संख्या = 100(4 – d) + 10(4) + (4 + d)
⇒ 400 – 100d + 40 + 4 + d
⇒ 444 – 99d
उलटी संख्या = 100(4 + d) + 10(4) + (4 – d)
⇒ 400 + 100d + 40 + 4 – d
⇒ 444 + 99d
प्रश्नानुसार,
मूल संख्या – उलटी संख्या = 396
⇒ (444 – 99d) – (444 + 99d) = 396
⇒ –198d = 396
⇒ d = –2
अब, अंक = (a – d), a, (a + d)
= (4 – (–2)), 4, (4 + (–2))
= 6, 4, 2
अतः तीन अंकों की संख्या = 642
25. तीन संख्याएँ 3 : 7 : 9 के अनुपात में हैं। यदि दूसरी संख्या से 5 घटा दिए जाएँ तो वे समान्तर श्रेणी में हो जाते हैं। मूल संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
Solution:– मान लीजिए तीन संख्याएँ क्रमशः 3x, 7x, और 9x हैं।
प्रश्नानुसार, यदि दूसरी संख्या से 5 घटा दिए जाएँ, तो वे समान्तर श्रेणी में हो जाती हैं।
अर्थात्, 7x – 5, 3x, 9x समान्तर श्रेणी में हैं।
समान्तर श्रेणी की शर्त अनुसार –
मध्य पद = (पहला पद + तीसरा पद) / 2
⇒ 7x – 5 = (3x + 9x) / 2
⇒ 7x – 5 = 12x / 2
⇒ 7x – 5 = 6x
⇒ x = 5
पहली संख्या = 3x = 3 × 5 = 15
दूसरी संख्या = 7x = 7 × 5 = 35
तीसरी संख्या = 9x = 9 × 5 = 45
अतः मूल संख्याएँ हैं – 15, 35, और 45
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