Class 8 Science Chapter 1 – कोशिका (Cell) Detailed Notes, Solutions, MCQ and PYQ

Class 8 Science Chapter 1 - कोशिका (cell)

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Class 8 Science Chapter 1 – कोशिका | NCERT & JAC Board Solutions

Class 8 Science Chapter 1 – कोशिका (Cell) solutions are designed for JAC Board students to help in effective preparation and better understanding of all important concepts. Since the JAC Board syllabus is largely based on NCERT textbooks, these solutions provide a strong foundation for learning topics like cell structure, types of cells, and their functions.

By following these NCERT-based Class 8 Science notes and solutions, students can revise the complete chapter easily, practice exercise questions, and improve exam performance. The step-by-step answers are written in simple and easy-to-understand language, making them helpful for both NCERT and JAC Board students.

पाठ 01 कोशिका (Cell) __________[Notes]_________

  • कोशिका सभी जीवों की  संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई  है।
  • रॉबर्ट हूक  ने सन् 1665 ई. में सर्वप्रथम मृत कोशिका (कॉर्क की पतली परत में) की खोज की।
  • कोशिका का अंग्रेज़ी शब्द  “सेल” (Cell) है।
  • सेल शब्द लैटिन भाषा के शब्द “सेलुला” (Cellula) से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है- एक छोटा कमरा।
  • एंटोनी वॉन ल्यूवेनहॉक  ने अपने स्वनिर्मित साधारण सूक्ष्मदर्शी द्वारा सन् 1674 ई. में शैवाल तथा प्रोटोजोआ में सर्वप्रथम जीवित कोशिका को देखा।

अभिरंजक की आवश्यकता:

अभिरंजक कोशिका की संरचना को स्पष्ट रूप से देखने में सहायता करते हैं।

सभी सजीव असंख्य सूक्ष्म इकाइयों से बने होते हैं जिन्हें  कोशिका  कहा जाता है।                                                         

कोशिका सजीवों के शरीर की  संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई  है, जो स्वतंत्र रूप से जीवन की क्रियाओं को संचालित करने की क्षमता रखती है।

कोशिका विभिन्न पदार्थों का संगठित सूक्ष्म रूप है जो  स्वतः जनन  करने की सामर्थ्य रखता है।
अतः कोशिका जीवन की  मूलभूत इकाई  है।

जीव / भाग उपयुक्त रंजक
शैवालआयोडिन घोल
कवक कॉटन ब्लू
जीवाणु ग्राम रंजक
केन्द्रक सेफरानिन
कोशिका द्रवऑरेंज-G

कोशिकाओं के विशेष तथ्य:

  • मुर्गी का अंडा एकल कोशिका है।
  • सबसे बड़ी एकल कोशिका  शुतुरमुर्ग का अंडा है।                      
  • माइक्रोप्लाज्मा जीवाणु की कोशिका का आकार सबसे छोटा होता है – लगभग 0.1 µm।
  • मानव शरीर की सबसे लंबी कोशिका तंत्रिका कोशिका है, जो 1 मीटर से भी अधिक लंबी हो सकती है।

उत्तक (Tissue):

कोशिकाओं का समूह जिसकी रचना, उद्गम और कार्य समान हो, उसे  उत्तक  कहते हैं।

अंग (Organ):

  • दो या दो से अधिक उत्तक मिलकर अंगों का निर्माण करते हैं।
     
  • अंग मिलकर शरीर का निर्माण करते हैं और जीवन संबंधी सभी क्रियाओं को संपन्न करते हैं। ऐसे जीवों को बहुकोशिकीय जीव कहा जाता है।

संरचना का क्रम:-

कोशिका उत्तक अंग अंग तंत्र जीव


कोशिका के मुख्य घटक

कोशिका के तीन मुख्य घटक होते हैं:

1.कोशिका झिल्ली

2. कोशिका द्रव

3. केन्द्रक


1. कोशिका झिल्ली (Cell Membrane):

  • कोशिका झिल्ली जंतुओं में पाई जाने वाली सबसे बाहरी परत है।
  • पादप कोशिकाओं में कोशिका झिल्ली के बाहर एक मोटी परत पाई जाती है जिसे  कोशिका भित्ति (Cell Wall) कहते हैं।
  • कोशिका झिल्ली को प्लाज्मा झिल्ली भी कहते हैं।
  • यह अर्धपारगम्य होती है।
  • यह पोषक तत्वों को अंदर आने और हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने देती है।

कोशिका झिल्ली के कार्य

  1. कोशिका झिल्ली, कोशिका को दूसरी कोशिकाओं तथा घेरे हुए माध्यम से अलग करती है।
  2. यह कोशिका को एक निश्चित आकार प्रदान करती है।

     3.  यह कोशिका के आंतरिक अंगों को सुरक्षा प्रदान करती है।


2.) कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm):

यह एक जेली जैसा पदार्थ है, जो कोशिका झिल्ली और केन्द्रक के बीच पाया जाता है। यह दानेदार, अर्द्धतरल एवं अर्द्धपारदर्शी होता है, जिसमें विभिन्न कोशिकांग पाए जाते हैं I जैसे–  माइटोकॉन्ड्रिया, गोल्जी काय, राइबोसोम, हरितलवक तथा रसधानी आदिl


3.) केन्द्रक (Nucleus):

यह कोशिका का सजीव एवं प्रमुख संघटक है, जो सामान्यतः कोशिका के मध्य में स्थित रहता है। साधारणतः केन्द्रक गोलाकार होता है तथा प्रायः एक कोशिका में एक ही केन्द्रक पाया जाता है।

  • पैरामीशियम की कोशिका में दो केन्द्रक पाए जाते हैं।
  • राइजोपस में अनेक केन्द्रक पाए जाते हैं।
  • लाल रक्त कोशिका ( Red Blood Cell ) में केन्द्रक नहीं पाया जाता, किन्तु ऊँट की लाल रक्त कोशिकाओं में केन्द्रक उपस्थित रहता है।

केन्द्रक झिल्ली (Nuclear membrane):

सभी पूर्ण विकसित कोशिकाओं में केन्द्रक एक दोहरी झिल्ली से घिरा होता है। इस झिल्ली में सूक्ष्म रंध्र पाए जाते हैं, जिन्हें  केन्द्रक रंध्र कहा जाता है।

जीवद्रव्य (Protoplasm):

केन्द्रक द्रव्य तथा कोशिकाद्रव्य, दोनों मिलकर जीवद्रव्य का निर्माण करते हैं।                   

जीवद्रव्य को  जीवन का भौतिक आधार  कहा जाता है, क्योंकि जीवन की सभी क्रियाएँ इसी पर निर्भर रहती हैं।


केन्द्रकाय (Nucleolus):

केन्द्रक के अंदर एक छोटी संरचना पायी जाती है, जिसे केन्द्रकाय (Nucleolus) कहा जाता है।

प्रोकैरियोट्स:-

जीवाणु और नीलहरित शैवाल जैसे कुछ जीवों की कोशिकाओं में केन्द्रक सुसंगठित रूप में नहीं होता।

  • इन कोशिकाओं में केन्द्रक झिल्ली अनुपस्थित रहती है। ऐसी कोशिकाओं को प्रोकैरियोटिक कोशिका कहते हैं।
  • जिन जीवों में ये कोशिकाएँ पाई जाती हैं, उन्हें प्रोकैरियोट्स कहा जाता है। उदाहरण: ई. कोलाई जीवाणु आदि।

यूकैरियोट्स:-

प्याज़ की झिल्ली तथा मानव की गाल की कोशिकाओं में झिल्लीयुक्त, सुसंगठित केन्द्रक पाया जाता है। ऐसी कोशिकाएँ यूकैरियोटिक कोशिकाएँ कहलाती हैं।

  • जिन जीवों में ये कोशिकाएँ पाई जाती हैं, उन्हें यूकैरियोट्स कहा जाता है।
  • सभी बहुकोशिकीय जीव आमतौर पर यूकैरियोट्स होते हैं। उदाहरण: कुत्ता, बिल्ली, गाय, भैंस आदि।

गुणसूत्र (Chromosome):

केन्द्रक में धागे के समान संरचनाएँ पाई जाती हैं, इन्हें गुणसूत्र कहा जाता है।

गुणसूत्र के कार्य:-

A) गुणसूत्रों पर दाने जैसे छोटे-छोटे भाग पाए जाते हैं, इन्हें जीन कहा जाता है।
B) गुणसूत्र जीनों के वाहक होते हैं।
C) गुणसूत्र अनुवांशिक गुणों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक स्थानांतरित करते हैं।

जीन (Gene):

  • जीन सजीवों में अनुवांशिक गुणों के वाहक होते हैं।
  • जीन गुणसूत्र पर दाने के समान संरचनाओं के रूप में पाए जाते हैं।
  • जीन माता-पिता के अनुवांशिक लक्षणों को संतानों में स्थानांतरित करते हैं।
  • उदाहरण: यदि माता-पिता लंबे हों तो उनकी संताने भी सामान्यतः लंबे हो सकती हैं।

संरचना का क्रम:-

कोशिका केन्द्रक (गोलाकार) गुणसूत्र (धागे के समान) जीन (दाने के समान)

रिक्तिका (Vacuole):

  • पौधों की कोशिका में कोशिकाद्रव्य के बीच एक खाली थैली जैसी संरचना पाई जाती है, जिसे रिक्तिका  कहा जाता है।
  • रिक्तिका में जल, अपशिष्ट, स्वादु पदार्थ आदि संग्रहीत होते हैं।

कोशिका भित्ति (Cell Wall):

  • पौधों की कोशिका झिल्ली के बाहर एक कठोर या मोटी परत रहती है, जिसे कोशिका भित्ति कहा जाता है।
  • कोशिका भित्ति तापमान में परिवर्तन, तीव्र गति से चलने वाले वायु, वायुमंडलीय नमी आदि विभिन्न परिवर्तनों से कोशिका की रक्षा करती है।

पाठ 01 कोशिका (Cell) _________[Solutions]______

1) निम्न कथन में सत्य () अथवा असत्य (×) लिखिए।

(A) एककोशिकीय जीव में एक ही कोशिका होती है।
उत्तर:- सत्य ()

(B) रक्त कोशिका साखान्वित होती है।
उत्तर:- असत्य (×)

(C) किसी जीव की मूल संरचना अंग है।
उत्तर:- सत्य ()

(D) अमीबा की आकृति अनियमित होती है।
उत्तर:- सत्य ()

(E) सबसे बड़ी कोशिका शुतुरमुर्ग का अंडा होता है।
उत्तर:- सत्य ()

(F) पैरामिशियम में अनेक केन्द्रक पाए जाते हैं।
उत्तर:- असत्य (×)

2) सही विकल्प को रेखांकित कीजिए।

(i) केन्द्रक को किस अभिरंजक द्वारा अभिरंजित किया जाता है?
क) ऑरेंज जी     ख) कॉटन ब्लू   ग) सैफ्रेनिन घ) आयोडीन

(ii) जंतु कोशिका में क्या अनुपस्थित होता है।
क) कोशिका झिल्ली   ख) केन्द्रक   ग) कोशिका भित्ति   घ) जीवद्रव्य

(iii) स्पष्ट केन्द्रक का अभाव निम्न में से किसमें होता है।
क) कवक   ख) जीवाणु ग) गुलाब फूल घ) नीलहरित शैवाल

(iv) क्लोरोप्लास्ट किसमें पाया जाता है?
क) जड़   ख) वायवीय   ग) हरी पत्तियाँ घ) भूमिगत तना

(v) सबसे छोटा एककोशिकीय जीव कौन-सा है।
क) यीस्ट   ख) जीवाणु   ग) अमीबा घ) माइकोप्लाज्मा

उत्तर:- (i) – ग) सैफ्रेनिन, (ii) – ग) कोशिका भित्ति (iii) – ख) जीवाणु (iv) – ग) हरी पत्तियाँ (v) – घ) माइकोप्लाज्मा


3) कोशिका झिल्ली को चयनात्मक पारगम्य क्यों कहा जाता है?

उत्तर:- कोशिका झिल्ली को चयनात्मक पारगम्य (selectively permeable) कहा जाता है क्योंकि यह केवल कुछ चुनिंदा पदार्थों को ही कोशिका के अंदर आने देती है, जबकि अन्य पदार्थों को रोक देती है। यह झिल्ली कोशिका के आंतरिक वातावरण को नियंत्रित करने और जीवित रहने के लिए आवश्यक पोषक तत्वों और आयनों को अंदर आने देने के साथ-साथ अवांछित या हानिकारक पदार्थों को बाहर रखने में मदद करती है।

4.) कोशिकाद्रव्य में पाए जाने वाले विभिन्न अंगकों के नाम एवं उनके कार्य को लिखिए l

उत्तर:- विभिन्न अंगकों के नाम : माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जी काय, राइबोसोम, लाइसोसोम, हरितलवक एवं रसधानी हैं। इसके कार्य निम्न हैं :-

i) माइटोकॉन्ड्रिया :
कार्य: यह भोजन से ऊर्जा (ATP) उत्पन्न करता है।

ii) राइबोसोम :
कार्य: यह प्रोटीन संश्लेषण का कार्य करता है, जो कोशिका की वृद्धि और मरम्मत के लिए महत्वपूर्ण है।

iii) गॉल्जी काय :
कार्य: यह प्रोटीन और वसा को पैक करता है।

iv) लाइसोसोम :
कार्य: अपशिष्ट और हानिकारक पदार्थों को पचाना और नष्ट करना इसका काम है।

v) हरितलवक (क्लोरोप्लास्ट) :
कार्य: यह प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया द्वारा भोजन का निर्माण करता है।

vi) रसधानी (रिक्तिका) :
कार्य: रसधानी पानी, भोजन और अन्य पोषक तत्वों को संग्रहीत करती है।


5. कोशिका द्रव एवं केन्द्रक द्रव मे अंतर लिखिए I ये दोनों द्रवों को संयुक्त रूप से क्या कहा जाता है ?

उत्तर :- कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) और केन्द्रक द्रव (Nucleus) में अंतर:-

क्रमांककोशिका द्रव्य केन्द्रक द्रव
1यह केन्द्रक और कोशिका झिल्ली के बीच पाया जाने वाला द्रव है।यह केन्द्रक झिल्ली के अंदर पाया जाने वाला द्रव है।
2इसमें विभिन्न कोशिकांग जैसे माइटोकॉन्ड्रिया, राइबोसोम, गॉल्जी बॉडी आदि पाए जाते हैं।इसमें क्रोमैटिन तंतु और केन्द्रकिका (Nucleolus) पाए जाते हैं
3इसका मुख्य कार्य रासायनिक क्रियाएँ करना और कोशिकांगों को सहारा देना है।यह आनुवंशिक पदार्थ को सुरक्षित रखता है और केन्द्रक के कार्यों को संचालित करता है।
4यह अर्ध-द्रव (semi-fluid) पदार्थ होता है।यह केवल केन्द्रक के भीतर सीमित रहता है।

=> कोशिका द्रव्य और केंद्रक को संयुक्त रूप से जीवद्रव्य (Protoplasm) कहा जाता है. 

6.)   पौध कोशिका एवं जंतु कोशिका में चित्र बनाकर अंतर स्पष्ट कीजिए?

उत्तर :-

विशेषतापादप कोशिकाजंतु कोशिका
कोशिका भित्तिपादप कोशिका में कोशिका भित्ति उपस्थित होता है।जंतु कोशिका में कोशिका भित्ति अनुपस्थित होता है।
क्लोरोप्लास्टउपस्थित होते हैं, जो प्रकाश संश्लेषण में मदद करते हैं.अनुपस्थित होते हैं.
आकार और आकृतिआमतौर पर बड़ी और आयताकार होती है।आमतौर पर छोटी और गोल या अंडाकार होती है।

7) कोशिका में क्रोमोसोम अथवा गुणसूत्र कहाँ पाए जाते हैं। उनके कार्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:- कोशिका में क्रोमोसोम अथवा गुणसूत्र केन्द्रक में पाए जाते हैं।

गुणसूत्र कार्य :- A) गुणसूत्र पर धागे समान संरचना पाई जाती है, जिसे जीन कहते हैं। गुणसूत्र जीन का वाहक है।

B) गुणसूत्र अनुवांशिक गुणों को पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित करता है।

8) कोशिका में गुणसूत्र कहाँ उपस्थित होते हैं?
उत्तर:- कोशिका में गुणसूत्र केन्द्रक के बीच उपस्थित होते हैं।

9) कोशिका भित्ति पौध कोशिका में क्या कार्य करता है?
उत्तर:- ताप में परिवर्तन, तीव्र गति से चलने वाली वायु, वायुमंडलीय नमी आदि विभिन्न परिवर्तनों से सुरक्षित रखता है। कोशिका भित्ति कोशिका को निश्चित आकृति प्रदान करता है।

10) कोशिका के आकार का जीवों के आकार के साथ कोई संबंध नहीं होता। क्या आप इससे सहमत हैं? अपने उत्तर का कारण बताइए।
उत्तर:- ‘नहीं’, मैं इससे सहमत नहीं हूँ, क्योंकि सभी जीव कोशिका से बने होते हैं।


अतिरिक्त प्रश्न :-

Que. यूकैरियोट्स एवं प्रोकैरियोट्स में अंतर लिखिए।

Ans:- यूकैरियोट्स :-

  1. इनमें सुसंगठित केन्द्रक पाया जाता है तथा केन्द्रक झिल्लीयुक्त होता है।
  2. इसमें झिल्ली-बद्ध कोशिकांग जैसे माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जी काय आदि पाए जाते हैं।
  3. उदाहरण – (1) प्याज की झिल्ली (2) गाल की कोशिकाएँ।
  4. प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं की तुलना में अपेक्षाकृत बड़ी होती हैं।

प्रोकैरियोट्स :-

  1. इनमें केन्द्रक सुसंगठित नहीं होता तथा केन्द्रक झिल्ली अनुपस्थित होती है।
  2. इसमें झिल्ली-बद्ध कोशिकांग नहीं पाए जाते हैं।
  3. उदाहरण – गुणसूत्रों का अभाव होता है।
  4. प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ आमतौर पर छोटी होती हैं।

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