ईदगाह कहानी का सारांश -Class 11 Hindi Antra Chapter 1 Summary

ईदगाह कहानी का सारांश -Class 11 Hindi Antra Chapter 1 Summary

ईदगाह Summary – Class 11 Hindi Antra Chapter 1 Summary

“ईदगाह” मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखी गई एक हृदयस्पर्शी कहानी है, जो एक छोटे बच्चे हामिद की संवेदनशीलता, त्याग और प्रेम को दर्शाती है। NCERT Class 11 Hindi Antra Chapter 1 में यह कहानी विद्यार्थियों को मानवता, दया और निस्वार्थ भाव का संदेश देती है।

यह कहानी केवल एक बच्चे की भावनाओं को नहीं, बल्कि भारतीय समाज की गरीबी, सादगी और रिश्तों की गहराई को भी उजागर करती है।

यह सारांश छात्रों को कहानी की मुख्य घटनाओं, पात्रों और नैतिक संदेश को समझने में मदद करता है।

ईदगाह Class 11 Hindi Summary

रमज़ान के पूरे तीस रोज़ों के बाद ईद का त्यौहार आया था। पूरे गाँव में खुशी का माहौल था। सभी लोग ईदगाह जाने की तैयारी कर रहे थे। बच्चे अपने-अपने रुपये गिन रहे थे और नए-नए खिलौने खरीदने की सोच रहे थे।

इन्हीं बच्चों में चार -पाँच साल का एक गरीब बच्चा हामिद भी था। उसके माता-पिता बीमारी के कारण मर गए थे। हामिद अपनी दादी अमीना के साथ रहता था। अमीना चाहती थी कि हामिद मेले में न जाए, क्योंकि उसे डर था कि कहीं वह भीड़ में गुम न हो जाए। लेकिन हामिद बहुत ज़िद करता है और आखिरकार दादी उसे जाने की अनुमति दे देती हैं।

मेले की ओर जाते हुए बच्चे तरह-तरह की चीज़ें देखते हैं—खिलौने, मिठाइयाँ, झूले, और सजावट। चारों तरफ़ रौनक छाई हुई थी। ईदगाह पहुँचने पर सभी लोग नमाज़ पढ़ते हैं। नमाज़ के बाद सब एक-दूसरे से गले मिलते हैं और “ईद मुबारक” कहते हैं।

अब बच्चे मेले में घूमने लगते हैं। कोई मिठाई खाता है, कोई झूला झूलता है, कोई खिलौने खरीदता है। हामिद बहुत गरीब था, उसके पास सिर्फ तीन पैसे थे। वह सब कुछ देखकर भी कुछ नहीं खरीदता। अंत में वह लोहे की दुकान पर रुकता है और एक चिमटा खरीद लेता है।

जब उसके दोस्त यह देखते हैं तो सब हँसने लगते हैं। वे कहते हैं कि खिलौने खरीदो, चिमटा क्यों लिया? तब हामिद बड़ी समझदारी से जवाब देता है—

“अगर तुम्हारा खिलौना गिर गया तो टूट जाएगा, लेकिन मेरा चिमटा न टूटेगा, न जलेगा। यह लोहे का है और काम का भी है।”

सभी बच्चे अपने-अपने खिलौनों की तारीफ करते रहते हैं, लेकिन हामिद अपनी बातों से सबको चुप कर देता है। धीरे-धीरे सभी बच्चे घर लौट आते हैं।

घर पहुँचकर जब दादी अमीना देखती हैं कि हामिद ने खिलौने की जगह चिमटा खरीदा है, तो वह पहले बहुत नाराज़ होती हैं। लेकिन जब हामिद मासूमियत से कहता है—

“दादी! आपके हाथ रोटी सेंकते समय जल जाते हैं, इसलिए मैं आपके लिए चिमटा लाया हूँ।”

यह सुनकर अमीना की आँखों में आँसू आ जाते हैं और वह हामिद को हाथ उठाकर दुआएँ देने लगती है I

कठिन शब्दों के अर्थ :

ईदगाह – वह जगह जहाँ मुस्लिम लोग ईद की नमाज़ पढ़ने के लिए एकत्र होते हैं

मोहर – सुंदरता, शोभा

सुघड़ – सुशोभित, सुंदर और व्यवस्थित

लोचिमा – चमक, आभा

हसरत – इच्छा, तड़प

मुंहसिर हो जाना – निर्भर होना

निगमड़ी – अभागी, बुरी

बदहवास – घबराया हुआ

अल्लड़ – अनुभवहीन, जिसे दुनियादारी का ज्ञान न हो

चितवन – दृष्टि, निगाह

बिसात – हैसियत, शक्ति, योग्यता

नियामत – सुख, आनंद, नेमत

तकदीर – भाग्य

सलियाँ – सिलाई की मशीन

इख़्तिलाफ़ – असहमति

चुर्ख़ा – सूत कातने का यंत्र

जिन्नात – भूत या आत्मा जैसी काल्पनिक चीज़

ठेल्मीं – ठेला, छोटी गाड़ी

खुद्दारी – आत्म-सम्मान

ताज्जुब – आश्चर्य

नियामत – ईश्वर की दी हुई वस्तु या नेमत

खुद्दारी – आत्म-सम्मान

भ्रुकुटि – भौंहें

कुमुक – मदद, सहायता

रुस्तम-ए-हिंद – भारत का सबसे ताकतवर पहलवान

बावर्चीखाना – रसोईघर

सुरलोक सिधारे – मर जाना

प्रतिष्ठानुकूल – पद के अनुरूप, प्रतिष्ठा के अनुसार

गौरवमय – सम्मानजनक, गौरवशाली

अचरज – हैरानी

सिंहासन – राजा की कुर्सी

विराजे – विराजमान होना, बैठना

माटी का चोला माटी में मिल गया – शरीर मिट्टी में

मिल गया, अर्थात मृत्यु हो गई

मातम – शोक, दुख मनाना

घूर – कूड़े का ढेर

चिथड़े – फटे-पुराने कपड़े

विकार – खराबी, दोष या कमी

आनन-फानन – तुरंत, बहुत जल्दी या शीघ्रता से

शल्यक्रिया चीर-फाड़ द्वारा किया जाने वाला इलाज या सर्जरी

प्रगल्भ – चतुर, होशियार, प्रतिभाशाली, या बोलने में संकोच न करने वाला

कसक – हल्का दर्द, पीड़ा या टीस

सद्भाव – मेलजोल, आपसी समझौता, या सामंजस्यपूर्ण संबंध

ईदगाह – लेखक परिचय (मुंशी प्रेमचंद)

नाम: मुंशी प्रेमचंद (वास्तविक नाम – धनपत राय)
जन्म: 31 जुलाई 1880, लमही (वाराणसी, उत्तर प्रदेश)
मृत्यु: 8 अक्टूबर 1936

परिचय:
मुंशी प्रेमचंद हिंदी और उर्दू के महान कथाकार, उपन्यासकार और यथार्थवादी साहित्यकार थे। उन्होंने साहित्य को जन-जीवन से जोड़ने का कार्य किया। आरंभ में वे नवाबराय नाम से उर्दू में लिखते थे, बाद में हिंदी साहित्य को नई दिशा दी।

साहित्यिक विशेषताएँ:
प्रेमचंद ने समाज में व्याप्त गरीबी, शोषण, अन्याय और मानवीय संवेदनाओं को अपनी कहानियों के माध्यम से सजीव रूप दिया। वे आदर्शोन्मुख यथार्थवादी लेखक थे।

प्रमुख रचनाएँ:

  • उपन्यास: गोदान, गबन, निर्मला, कर्मभूमि, सेवा-सदन, रंगभूमि
  • कहानी संग्रह: मानसरोवर (8 भाग)
  • नाटक: कर्बला, प्रेम की वेदी
  • पत्र संपादन: हंस, जागरण, माधुरी

भाषा-शैली:
‘ईदगाह’ की भाषा सरल, भावनात्मक और पात्रों के अनुकूल है। कहानी की शुरुआत में प्रेमचंद ने ईद के त्योहार का दृश्य काव्यात्मक और जीवंत रूप में प्रस्तुत किया है।

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